संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ लाई सन् 1978 के पूर्व; और परिभाषाएं राजस्व मंडल का गठन उपबंधो के अनुसार पट्टा पाने का किदार हो कितु जिसने ऐसा पट्टा इस राजस्व मंडल का प्रधान स्थान तथा उसकी बैठकों के अन्य स्थान मंडल के सदस्यों की सेवा शतें ् 1908) में दी गई प्रकिया का अनुसरण किया जायेगा। वेतन तथा भत्ते – मंडल के सदस्यों को ऐसे वेतन तथा भत्तों का संदाय किया जायेगा जैसे कि मंडल की अधिकारिता मंडल की अधीिण संबंधी शक्तियां – मंडल को समस्त मामलों के संबंध में, जो उसकी एक सदस्यीय तथा बहुसदस्यीय न्यायपीठों द्वारा अधिकारिता का प्रयोग – मंडल, अपने एक संहिता के प्रारंभ होने के समय विचाराधीन मामले – इस संहिता के प्रवृत्त होने के तुरन्त राजस्व पदाधिकारी – राजस्व पदाधिकारियों के निम्नलिहखत वर्ग होंगे अथाांत् – ध्याय – 1 संभागों जिलों, उपखंडों तथा तहसीलों को परिवर्तित करने, उनकी रचना करने या उन्हें संभागों के आयुक्तों को नियुक्त करने की शक्ति म के वृिों के पूरी तरह बढ़ जाने पर यह संभाव्य है कि उनसे भूमि का या उसके किसी कलेक्टर को नियुक्त करने की शक्ति अपर कलेक्टर को नियुक्त करने की शक्ति ध्याय – 2 हिता के अधीन उसे प्रदत्त किये गये हैं और वह राज्य सरकार के ऐसे क ृ त्यों का निवर्हन करेगा जिन्हें तहसीलदारों, अपर तहसीलदारों तथा नायब तहसीलदारों की नियुक्ति भू-अभिलेख अधीिक तथा सहायक भू-अभिलेख अधीिकों की नियुक्ति जिले को उपखण्डों में विभाजित कर सकेगा, तथा किसी भी उपखंड की सीमाओं में परिवर्तन कर अन्य पदाधिकारी उपखंड अधिकारी राजस्व अधिकारियों की अधीनस्थता – जब तक कि कलेक्टर अन्यथा निदेशित न करें, राज्य शासन द्वारा राजस्व पदाधिकारियों की शक्तियों का पदाधिकारियों तथा अन्य व्यक्तियों स्थानान्तर होने पर प्रयोगनीय शक्तियां – यदि कोई राजस्व पदाधिकारी जिसमें किसी अस्थायी ररहि की दशा में कलेक्टर – यदि कलेक्टर की मृत्यु हो जाय या वह अपने कर्तव्य जाँच करने के लिये स्थान – उन कारणों के सिवाय जो लेखबद्ध किये जायेंगे, कोई भी राजस्व भूमि पर प्रवेश करने तथा उसका सवेिण (पररमाप ) करने की शक्ति – समस्त राजस्व े गा या ऐसा बल प्रयोग कर सकेगा या करवा सकेगा जो कि ऐसे अधिकारी की राय में मामलों को अंतरित करने की शक्ति ् 1955) में यथा पररभाहषत रैयतवारी उप -पट्टेदार के रूप में धारण अधीनस्थों को तथा उनके पास के मामले अंतरित करने की शक्ति मंडल तथा राजस्व अधिकारियों की न्यायालयों की प्रास्थिति का प्रदान किया जाना – मंडल राजस्व न्यायालय की अन्तर्तनहित शक्ति – इस संहिता की किसी भी बात के संबंध में यह व्यक्तियों के हाजिर होने तथा दस्तावेजों पेश किये जाने की अपेिा करने तथा साक्ष्य लेने की सािी को हाजिर होने के लिये विवश करना – यदि कोई व्यक्ति, जिस पर सािी के रूप में पिकार की अनुपस्थिति में सुनवाई वाडधिकारी द्वारा पारित किया गया हो, पुनर्विलोकन करने की प्रस्तावना करता है तो वह सुनवाई का स्थगन न्तु आदेश का निष्पादन, एक बार में, तीन मास से अधिक के हलए या अगली सुनवाई की व्यय कदलाने की शक्ति – राजस्व पदाधिकारी इस संहिता के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी सी राजस्व अधिकारी द्वारा इस कोड या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमित के अधीन अपनी स्थावर सभपहत्त का कब्जा पररदत्त करने विषयक आदेश को निष्पाकदत करने की रीहत – जहाँ वे व्यक्ति जिनके द्वारा राजस्व अधिकारियों के समक्ष उपसंजाहत (हाजिरी ) की जा सकेगी और पष्टीकरण आ है उस प्रयोजन के अनुसार परिवर्तित तथा निर्धारित किये जाने के दायित्वाधीन होगा जिसके कि लिये मंडल को नियम बनाने की शक्ति राजस्व पदाधिकारी के आदेश, भूल अथवा अनियमितता के कारण कब उल्टे जा सकें गे – इस संहिता में स्पष्ट उपबंध न होने की दशा में व्यवहार प्रकिया संहिता का लागू होना – अपील तथा अपीलीय अधिकारी कतिपय लभिबत कार्यवाहीयों का बन्दोबस्त आयुक्त को अंतरण – ऐसी समस्त कार्यवाहीयाँ, निहित करती है कि किसी ऐसे स्थानीय क्षेत्र में, जिसमें कि राजस्व सवेिण बन्द कर दिया गया है, कतिपय आदेशों के विरुद्ध कोई अपील नहीं होगी – किसी भी ऐसे आदेश की – अपीलों की पररसीमा (L imitat inf app ea ls) – याचिका (अजी ) के साथ उस आदेश की प्रतिलिपि होगी जिसके कि संबंध में आपत्ति की गई धाडरण में की किसी ऐसी गलती को, जो सवेिण में हुई भूल या गणना करने में हुई भूल के कारण हुई अपील प्राधिकारी की शक्ति पुनरीक्षण व्यवहारों के आधार पर जहाँ तक कि ऐसे संव्यवहारों के विषय में जानकारी उपलब्ध हों, पृथकत: उस आदेशों का पुनर्विलोकन अधीन कोई ररसीवर नियुक्त किया जायेगा। आदेशों के निष्पादन को रोका जाना लिमिटेशन ऐक्ट का लागू होना - इस संहिता से अंतर्विष्ट किसी अभिव्यक्त उपबंध के पुनरीक्षण का लभिबत रहना - इस अध्याय में अंतर्तवष्ट किसी बात के होते हुए भी ऐसी समस्त अध्याय का लागू होना – शंका के पररवजर्न के लिये, एतद्द्वारा यह घोहषत किया जाता है कि आदेश का अथाडन्वयन — इस अध्याय में जब तक कि सन्दभड से अन्यथा अपेक्षित न हो, सी ऐसी दस्तावेज पर, उसके पेश किये जाने तथा पेश किये जाने की तारीख संबंधी तथ्य का उल्लेख समस्त भूमियों में राज्य का स्वामित्व ( Statewners h ip) भू-राजस्व के भुगतान के लिये भूमि का दायित्व यहि के, जिसकी कि माफ ड त या जिसके कि अधीन वह दावा करता है, खाते से अनुलग्न नहीं है, सदोष जिस प्रयोजन के लिये भूमि उपयोग में लाई जावे उसी के अनुसार भू-राजस्व मे फेरफार- संहिता के प्रवृत्त होने के पूर्व किए गए भूमि के व्यपवतर्न पर पुनर्निर्धारण निर्धारण किसके द्वारा नियत किया जायेगा इस अध्याय का नगरेतर क्षेत्रों में की भूमियों को लागू होना बन्दोबस्त आयुक्त की नियुक्ति ते हुए नियम बना सकेगी, और ऐसे नियमों में वे व्यक्ति जिनको तथा वे स्थान जहां ऐसी किश्तों का अपर बन्दोस्त आयुक्तों की नियुक्ति और उनकी शक्तियां तथा कर्तव्य जस्व की माफी या उसका निलभबन कर सकेगी, और माफी या निलभबन का अवधारण इस संहिता के बन्दोबस्त अधिकारी, उप -बन्दोबस्त अधिकारियों तथा सहायक बन्दोबस्त अधिकारियों की बन्दोबस्त अधिकारी, उप -बन्दोबस्त अधिकारी तथा सहायक बन्दोबस्त अधिकारी की राजस्व सवेिण की पररभाषा प्रस्थापित राजस्व सवेिण की अधिसूचना लिये वह उपधारा (1) के अधीन पट्टे पर दिया गया था, पूणड तुहष्ट पट्टे की कालावधि का अवसान होने सवेिण संखयांकों तथा ग्रामों की विरचना , अधीन शाहस्त के कारण, उि उपकरणों या सामग्री के दामों के कारण या व्यपर्ततत की गई या विशेष रूप से समनुदेशित की गई भूमि का पृथक ् सीमांकन वारा हस्तािररत किया गया इस आशय का प्रमाण -पत्र कि उि धनराहश की वसूली भू-राजस्व के बकाया सवेिण -संखयांकों को पुनि ड मांकित या उपविभाजित करने की शक्ति -धारणाधिकारी अभिलेखों में सवेिण –संखयांकों तथा उपखंडों की प्रविहष्ट ग्राम की आबादी का अवधारण ग्रामों को विभाजित या संयोजित करने या उनमें से किसी क्षेत्र को अपवर्ततत करने की ग्रामों के समूह बनाना येगा कि भूमिस्वामी द्वारा किसी भी प्रकार का कोई भुगतान किये बिना ही उसका बन्दोबस्त की पररभाषा – राजस्व सवेिण चालू रहने के दौरान किसी स्थानीय क्षेत्र में की न्तु यह और भी कि पूर्ववती परन्तुक के खंड (एक ) के उपखंड (क) के अधीन औद्योगिक प्रस्तावित बन्दोबस्त की अधिसूचना निर्धारण दरों का नियत किया जाना विलुप्त उचित निर्धारण का नियत किया जाना समस्त भूमियाँ निर्धारण के दायित्वाधीन होंगी पष्टीकरण – इस धारा के प्रयोजनों के लिये, एक एकड़ ससचित भूमि को दो एकड़ निर्धारण के सिद्धान्त लावधीय रूप से अंतररती द्वारा, जो उस अंतरण को ऐसे निबंधनो पर प्रतिगृहीत बन्दोबस्त का आखयापन बन्दोबस्त का प्रारंभ - बन्दोबस्त की अवधि, आखयापन की तारीख के ठीक आगामी राजस्व अंतरण किसी ऐसे अंतरण के अनुसरण में किया गया हो जो कि धारा की उपधारा (6) के अधिकारों को त्यागने वाले भूमि स्वामी को वृहद्ध से माफी - बन्दोबस्त की अवधि के प्रथम वषड मिस्वामी के अधिकार की प्रोद्भूहत द्वारा हुआ हो जांच ऐसे अंतरण के सद्भावित स्वरूप के बारे में स्वयं बन्दोबस्त की अवधि अधूरी कार्यवाहीयों को पूरा करने की कलेक्टर की शक्ति ंतु यह और भी कि खंड (ख) के अधीन कीमत की नियतन उस कीमत से, जो उपखंड अधिकारी क ृ ष्ट कर दिया हो तथा ऐसी चूक या उपेिा एक मास की और कालावधि तक जारी रहती है तो यह नक्शे तथा अभिलेख रखने का कर्तव्य बन्दोबस्त अधिकारी को अंतरित करने की शक्ति गलतियों को ठीक करने की उपखंड अधिकारी की शक्ति बन्दोबस्त आकद की अवधि के दौरान कलेक्टर की शकि ् त बन्दोबस्त की अवधि के दौरान बन्दोबस्त अधिकारी को शक्ति प्रदान करने की शक्ति ंतु यदि हक संबंधी कोई प्रश्न उठाया जाता है, तो तहसीलदार अपने समक्ष की कार्यवाहीयों को इस अध्याय के उपबंध नगरीय क्षेत्रों में की भूमि को लागू होगें भूमियों को भू-खंड संखयांकों में विभाजित करने की कलेक्टर की शक्तियां भू–खंड संखयांकों के पुन: िमांकित करने का उपविभाजित करने की कलेक्टर की शक्तियां भू-खंड संखयांकों तथा उपखंडों का क्षेत्रफल तथा निर्धारण अभिलेखों में दजड किया जायेगा निर्धारण के लिये नगर का क्षेत्र खंडों में विरचित किया जायेगा – निर्धारण के प्रयोजनों के विलुप्त उचित निर्धारण – कृषि प्रयोजन के हलए उपयोग की जा रही भूमियों का उचित निर्धारण विलुप्त रण करने वाले मौरूसी कृषक द्वारा उस वषड के सभबंध में देय हो, निलभिबत कर दी जायेगी और वह पुनरीक्षण के समय उचित निर्धारण का नियत किया जाना – उन भूमियों की दशा में, जिन बन्दोबस्त की अवधि – धारा के अधीन नियत किया गया निर्धारण तीन वषड की नियत किया गया निर्धारण भू-राजस्व या लगान होगा – धारा के अधीन नियत किया पूर्व के बन्दोबस्त या पट्टों के अधीन नियत किया गया भू-राजस्व या लगान चालू रहेगा – पटवारी के हल्कों की विरचना तथा उनमें पटवाररयों की नियुक्ति विशेष आदेश द्वारा, ऐसी भूमि के लगान के, भुगतान में उतनी रकम तक यथास्थिति माफी दे सकेगा राजस्व निरीक्षकों के हल्कों की विरचना (frmatin) – कलेक्टर, तहसील में के दखल कर दिया गया था या बेकब्जा कर दिया गया था, और यदि आवश्यक हो तो विरोधी पि को राजस्व निरीक्षकों आकद की नियुक्ति मिस्वामी अधिकारों में ऐसे प्रीमियम पर देने की प्रस्थापना करेगा जो इस प्रकार बनी भूमि के उचित खेत का नक्शा अधिकार –अभिलेख ं उहल्लहखत विवरण अंतर्विष्ट हों शासन द्वारा अधिसूचित कृषि के लिये उस गांव के लिये अधिकार अधिकारों के अज्रन की ररपोटड की जायगी ेत्र -पुस्तक तथा अन्य सुसंगत भू-अभिलेखों में अधिकार अजर्न बाबत नामान्तरण सिविल न्यायाधीशों की अधिकारिता अंतरणों के संबंध में रजिस्रीकताड अधिकारियों द्वारा प्रज्ञापना लेखन संबंधी गलतियों का शुहद्धकरण भू अभिलेख खसरा तथा किन्हीं अन्य भू अभिलेखों में गलत प्रविहष्ट का वररष्ट पदाधिकारियों द्वारा खसरा या किन्ही अन्य भू अभिलेखों में की प्रविहष्ट के बारे में विवाद भू-अभिलेखों में की प्रविहष्टयों के बारे में उपधारणा - भू –अभिलेखों में इस अध्याय के हक के बारे में जानकारी देने की बाध्यता - कोई ऐसा व्यक्ति, जिससे अधिकारों, हित या जानकारी देने में उपेिा करने के लिये शाहस्त नक्शे तथा अधिकार अभिलेख तैयार करने में सहायता की अध्यपेिा भू-अभिलेखों के लिये नियम बनाने की शक्ति न्तु मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (संशोधन ) अधिनियम, 1973 के आरभभ होने पर या उसके इस अध्याय के उपबंधों से छ ू ट न्तु कोई भी ऐसा प्रत्यायोजन तब तक नहीं किया जायेगा जब तक कि ऐसे समस्त व्यहक्त्यों पर, संहिता के प्रारंभ होने के समय अधिकार अभिलेख ग्रामों तथा सवेिण संखयांकों या भू-खंड संखयांकों के सीमा -चिन्हों का सहिमाडण रा की कार्यवाहीयों को प्रारंभ करेगा तथा पूणड करेगा और उसके द्वारा की गई कार्यवाही ग्राम पंचायत ग्रामों, सवेिण संखयांकों तथा भू-खंड संखयांकों के बीच सीमाओं के बारे में विवाद – सदोष कब्जा रखने वाले व्यक्तियों को बेदखली सी मामले में विरोधी पिकार को, यदि आवश्यक हो, तहसीलदार के आदेशों के अधीन बेदखल कर सीमांकन तथा सीमा पंहियों का अनुरिण न्तु इस धारा के अधीन कोई कार्यवाही तब तक नहीं की जायेगी जब तक कि उस व्यक्ति से यह सीमा चिन्हों या सवेिण चिन्हों की मरभमत कराने के लिये बाध्य करना सवेिण संखयांक या उपखंड भू-खंड संखयांक की सीमांकन सीमा चिन्हों या सवेिण -चिन्हों को विनष्ट करने, क्षति पहुँचाने या हटाने के लिये शाहस्त किसी अन्य उपज के अधिग्रहण का भी आदेश दे सकेगा जिसका कि ऐसे व्यक्ति ने राज्य सरकार की मागाडधिकार तथा अन्य प्राइवेट सुखाचार संबंधी अधिकार ा के उपबंधों तथा धारा के अधीन बनाये गये नियमों के अध्यधीन रहते हुए राजस्व मागड आकद पर बाधा उपस्थित करने के लिये शाहस्त – कोई भी व्यक्ति, जो किसी ग्राम की बाधा का हटाया जाना – यदि किसी तहसीलदार को यह प्रतीत हो कि कोई बाधा किसी कतिपय कायों की पुनरावृहत्त से विरत रहने के लिये बन्धपत्र का निष्पादन – किसी भी ऐसे सड़क, पथ आकद के लिये भूमि का अजर्न -खंडांक संखयांकों को पुनगर्रठत किये जाने या नवीन भू-खंड संखयांक विरचित किये जाने इस अध्याय के प्रवर्तन से मुि करने की शक्ति भू–राजस्व भूमि पर प्रथम भार होगा भू-राजस्व के भूगतान के लिये उत्तरदायित्व भू–राजस्व, कब्जा रखने वाली किसी भी व्यक्ति से वसूल किया जायेगा तारीख, जिसको भू–राजस्व शोध्य होगा तथा देय होगा “ बकाया ” तथा “बकायादार ” की पररभाषाए लू रखा जा सकेगा या प्रवर्ततत किया जा सकेगा, और कोई भी ऐसी शाहस्त, पटेल, पटवारी, ग्राम सभा या ग्राम पंचायत रसीद देने के लिये आबद्ध होंगे भू-राजस्व के भुगतान में व्यक्तिक्रम पर शाहस्त ष्ठांकित या उससे उपाबद्ध ऐसी ररपोटड के साथ लौटायेगा जिसमें या कहथत होगा कि उसने वह प्रति लगा फसलों के मारे जाने पर भू राजस्व की माफी या उसका निलभबन प्रमाणित लेखा, बकाया तथा बकायादार के बारे में साक्ष्य होगा मांग की सूचना अधीन कोई आदेशिका जारी होने के पूर्व, किसी बकायादार पर मांग की सूचना तामील करवा बकाया की वसूली के लिये आदेशिका खचे -बकाया के भाग के रूप में वसूल किये जा सकें गे– धारा के अधीन मांग की सूचना कि शोध्यों की रकम और खचे का उस राजस्व अधिकारी को भुगतान किया जा चुका है जिसने हविय अन्य जिलों में आदेशिकाओं का प्रवतर्न ने और उसकी देख् -भाल करने तथा उसे काटने या इक्ठी करने के प्रयोजन से समस्त आवश्यक बातें अभ्यापहत्त के साथ भुगतान तथा वसूली के लिये वाद हविय -आगमों का उपयोजन न्तु यदि कलेक्टर के पास यह समझने का कारण हो कि – बकाया के लिये बेची गई भूमि विल्लंगमों से मुि होगी िे ता का हक िे ता, हविय से पूर्व शोध्य भू–राजस्व के लिये दायी नहीं होगा अधीन भू-राजस्व का बकाया किया जाता है, बकाया के भुगतान के लिये इस कोड के अधीन दायी भू-राजस्व के बकाया के तौर पर वसूली योग्य धन प्रतिभू से धनों की वसूली भू–धारणाधिकारी (भू-धृहत ) का वर्ग मिस्वामी भूमिस्वामियों द्वारा देय भू-राजस्व - धारा के अधीन भूमि स्वामी होने वाला प्रत्येक भू–राजस्व का भुगतान करने के दायित्व से दी गई छ ू ट का प्रतिसंरिण बन्दोबस्त चालू रहने के दौरान राजस्व में कमी x x x ] भूमिस्वामी अधिकार प्रदान किये जाने के लिये लभिबत आवेदन न्यागमन - भूमिस्वामी का हित, उसकी मृत्यु हो जाने पर, उसकी स्वीय विधि के अध्यधीन अंतरण के अधिकार उपधारा (6) के अधीन या धारा के परन्तुक के अधीन या धारा की उपधारा (1) के कतिपय अंतरणों के मामले में समपरिण भूमि का विनिमय (Exchangef Land) पट्टे उपधारा (2) में वर्तणत वगो में से किसी वर्ग का न हो, इस संहिता के प्रवृत्त होने अनधिक ृ त पट्टा आकद – यदि कोई भूमिस्वामी - धारा के उल्लंघन में किये गये अंतर का पररवजर्न (Avideancef सुधार करने का अधिकार, - कृषि के प्रयोजन के लिये धाररत भूमि का भूमिस्वामी, उस भूमि का व्यपवतर्न (Di v ersinf La nd) त्यजन (Relinguishment) त्यजन किये गये उपखंड का निपटारा – यदि धारा के अधीन सवेिण संखयांक या भू- त्यजन की गई भूमि कि लिये मागड का अधिकार - यदि कोई व्यक्ति किसी ऐसी भूमि के संबंध खाते का पररत्याग (Aban dnme ntf hldin g) खातों का निपटारा खाते का विभाजन खाते में के वृिों पर अधिका र वृिों के अंतरण पर निबर्न्धन सरकारी पट्टेदार सरकारी पट्टेदार के अधिकार तथा दायित्व सेवा भूमि सिरोंज क्षेत्र में की सेवा भूमि का उस दशा में निपटारा जबकि सेवाओं के आगे आवश्यकता मौरूसी कृषक अधिकतम लगान परिवर्तन लगान कतिपय मामलों में भूमिस्वामी द्वारा पुनग्रर्हण अधीन अपने पुनग्रर्हण के अधिकार की सीमा तक ही लेने का किदार होगा और अतिरिक्त भूमि, मौरूसी कृषकों को भूमिस्वामी अधिकार प्रदान किया जाना मौरूसी कृषक को भूमि वापस कदलाया जाना मौरूसी कृषक अधिकारों का न्यागमन कृषकाधिकार की समाहप्त ऐसे मौरूसी कृषक को जिसका कृषकाधिकार समाप्त कर दिया गया हो लागू होने वाले मौरूसी कृषक के अनतरण संबंधी अधिकार सुधार करने के मौरूसी कृषक के अधिकार मौरूसी कृषको द्वारा किये गये अंतरणो को अपास्त (tset as ide) कराने के लिये अभ्यपर्ण रसीद - प्रत्येक भूमिस्वामी लगान की रकम के लिये ऐसे प्ररूप तथा ऐसी रीहत में जैसा कि रसीद न देने या अधिक वसूली के लिये शाहस्त – यदि कोई भूमि स्वामी धारा द्वारा भू- राजस्व की माफी तथा उसके निलभबन के पररणाम स्वरूप लगान की माफी तथा दोषपूणड ढंग से बेदखल किये गये मौरूसी कृषक का पुन: स्थान जलोढ़ तथा जल -प्लावन निर्धारण करने तथा विवादों को विनिहश्रत करने की शक्ति परिभाषाएं - इस अध्याय में – चकब्न्दी की कार्यवाहीयों का शुरू किया जाना आवेदन का नामन्जूर किया जाना आवेदन का ग्रहण किया जाना – यदि चकबन्दी अधिकारी आवेदन ग्रहण कर लेता है, तो खातों की चकबन्दी के लिये स्कीम तैयार किया जाना स्कीम की पुहष्ट - कलेक्टर चकबन्दी की स्कीम के संबंध में की गई आपत्ति या आपत्तियों, पुहष्ट हो जाने पर प्रकिया खातों के कब्जे के संबंध में भूमिस्वामियों के अधिकार - चकबन्दी की स्कीम से प्रभावित भूमि स्वामियों के उनके खातों में के अधिकारों का अंतरण - इस संहिता में अन्त र्तवष्ट अंतरण प्रभावाहन्वत करने के लिये लिखत आवश्यक नहीं होगी – तत्समय प्रवृत्त किसी स्कीम को कायाडहन्वत करने के खचड प्रतिकर तथा खचे की वसूली विभाजन कार्यवाहीयों का चकबन्दी कार्यवाहीयों के चालू रहने के दौरान निलंबन - जब कार्यवाहीयों के दौरान सभपहत्त का अंतरण चकबन्दी के पश्चात् भूमिस्वामियों के अधिकार पूर्ववत बने रहेंगे भूमिस्वामियों के विल्लंगम नियम बनाने की शक्ति पटेलों की नियुक्ति पटेलों का पाररश्रमिक पटेलों के कत्तर्व्य किसी विधि के अधीन भू-धारकों पर अधिरोपित कर्तव्य पटेलों पर अधिरोपित कर्तव्य समझे पटेलों को हटाया जाना – धारा के अधीन बनाये गयें नियमों के अध्यधीन रहते हुए पटेलों को दण्ड - कोई पटेल, जो धारा या के अधीन उसे सौंपे गये किसी कत्तर्व्य प्रतिस्थानी पटेल की नियुक्ति ग्राम प्रबंध का सौपा जाना कोटवारों की नियुक्ति तथा उनके कर्तव्य कोटवारों का पाररश्रमिक ग्राम सभा अधीन ग्राम सभा सम्यक् रूप से गठित न हो जायें। दखल -रहित भूमि का अभिलेख निस्तार -पत्रक का तैयार किया जाना. उपखंड अधिकारी इस संहिता तथा इस संहिता के विषय जिनका निस्तार पत्रक में उपबंध किया जायेगा – वे विषय, जिनके लिये निस्तार निस्तार -पत्रक में कतिपय विषयों के हलए उपबंध – धारा में यथा उपबंधित निस्तार अधिकारों के प्रयोग के लिये कलेक्टर द्वारा भूमि का पृथक ् रखा जाना दूसरे ग्राम की बंजर भूमि के अधिकार दखल रहित भूमि में रोपित फलदार वृिों और अन्य वृिो में अधिकार कतिपय वृिों के काटे जाने का प्रतिषेध सरकारी वनों से इमारती लकड़ी की चोरी रोकने के उपाय वाजिब उल अजड आबादी आबादी स्थलों का निबटारा – इस संबंध में बनाये गए नियमों के अध्यधीन रहते हुए भू-राजस्व संहिता बिना, गृह स्थल धारण करने का अधिकार – आबादी में हस्थत ऐसा आबादी में गृह स्थल धारण करने वाले व्यहक्त्यों का अधिकार – धारा के उपबंधों के खनिजों के संबंध में सरकार का हक अप्राधिक ृ त रूप से भूमि पर कब्जा कर लेने के लिये शाहस्त मछली पकड़ने, आखेट करने आकद का विनियमन अनुचित रूप से बे-कब्जा किये गये भूमिस्वामी का पुन: स्थापन तालाबों का राज्य शासन में निहित होना लोकोपयोगी निर्माण कायों का अनुरिण उपबंधों के उल्लंघन के लिये दण्ड ग्राम सभा के कर्तव्यों का पटेल द्वारा पालन किया जाना – इस अध्याय के अधीन ग्राम खेती तथा प्रबन्ध के मापदण्डों का विहितत किया जाना नक्शों तथा भू-अभिलेखों का, निरीक्षण तथा उनकी प्रतिलिपियाँ – ऐसी शतों के तथा ऐसी राजस्व प्राधिकारियों की अनन्य अधिकारिता – इस संहिता में या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य नियम बनाने की साधारण शक्ति कतिपय भूधृतियों के प्रति निदेश – किसी अधिनियमित में – ऐसी विधियों के प्रति निदेश जो किसी भी क्षेत्र में प्रवृत्त न हो – इस संहिता में ऐसे अस्थायी उपबंध करठनाइयों का निराकरण करने की शक्ति संहिता कतिपय मामलों में लागू नहीं होगी – इस संहिता में अंतर्विष्ट कोई भी बात किसी