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Old Criminal Code • भारतीय दण्ड संहिता
भारतीय दण्ड संहिता, 1860
(Indian Penal Code, 1860)
धारा
1
संहिता का नाम और उसके प्रवर्तन का विस्तार
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धारा
2
भारत के भीतर किए गए अपराधों का दण्ड।
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धारा
3
भारत से परे किए गए किन्तु उसके भीतर विधि के अनुसार विचारणीय अपराधों का दण्ड।
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धारा
4
राज्यक्षेत्रातीत / अपर देशीय अपराधों पर संहिता का विस्तार।
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धारा
5
कुछ विधियों पर इस अधिनियम द्वारा प्रभाव न डाला जाना।
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धारा
6
संहिता में की परिभाषाओं का अपवादों के अध्यधीन समझा जाना।
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धारा
7
एक बार स्पष्टीकॄत वाक्यांश का अभिप्राय।
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धारा
8
लिंग
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धारा
9
वचन
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धारा
10
पुरुष। स्त्री।
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धारा
11
व्यक्ति
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धारा
12
जनता / जन सामान्य
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धारा
13
क्वीन की परिभाषा
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धारा
14
सरकार का सेवक।
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धारा
15
ब्रिटिश इण्डिया की परिभाषा
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धारा
16
गवर्नमेंट आफ इण्डिया की परिभाषा
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धारा
17
सरकार।
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धारा
18
भारत
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धारा
19
न्यायाधीश।
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धारा
20
न्यायालय
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धारा
21
लोक सेवक
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धारा
22
चल सम्पत्ति।
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धारा
23
सदोष अभिलाभ / हानि।
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धारा
24
बेईमानी करना।
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धारा
25
कपटपूर्वक
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धारा
26
विश्वास करने का कारण।
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धारा
27
पत्नी, लिपिक या सेवक के कब्जे में सम्पत्ति।
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धारा
28
कूटकरण।
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धारा
29
दस्तावेज।
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धारा
29a
29a
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धारा
30
मूल्यवान प्रतिभूति।
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धारा
31
बिल
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धारा
32
कार्यों को दर्शाने वाले शब्दों के अन्तर्गत अवैध लोप शामिल है।
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धारा
33
कार्य
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धारा
34
सामान्य आशय को अग्रसर करने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य
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धारा
35
जबकि ऐसा कार्य इस कारण आपराधिक है कि वह आपराधिक ज्ञान या आशय से किया गया है
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धारा
36
अंशत: कार्य द्वारा और अंशत: लोप द्वारा कारित परिणाम।
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धारा
37
कई कार्यों में से किसी एक कार्य को करके अपराध गठित करने में सहयोग करना।
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धारा
38
आपराधिक कार्य में संपॄक्त व्यक्ति विभिन्न अपराधों के दोषी हो सकेंगे
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धारा
39
स्वेच्छया।
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